साहित्य का स्रोत जनता का जीवन है। - गणेशशंकर विद्यार्थी।

Find Us On:

English Hindi
गिरिराज किशोर नहीं रहे (विविध) 
   
Author:भारत-दर्शन समाचार

9 फरवरी 2020 (भारत): पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार गिरिराज किशोर का रविवार सुबह उनके निवास पर निधन हो गया। वे 83 वर्ष के थे।

गिरिराज किशोर हिंदी के प्रसिद्ध उपन्यासकार होने के साथ-साथ एक सशक्त कथाकार, नाटककार और आलोचक थे।

इनका उपन्यास 'ढाई घर' अत्यन्त लोकप्रिय हुआ था। 1991 में प्रकाशित इस कृति को 1992 में ही साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें 2007 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

गिरिराज किशोर द्वारा लिखा गया 'पहला गिरमिटिया' नामक उपन्यास महात्मा गांधी के अफ्रीका प्रवास पर आधारित था, जिसने इन्हें विशेष पहचान दिलाई। गिरिराज किशोर ने कस्तूरबा गांधी पर भी एक उपन्यास 'बा' लिखा था। इसमें उन्होंने गांधी जैसे व्यक्तित्व की पत्नी के रूप में एक स्त्री का स्वयं और साथ ही देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े दोहरे संघर्ष के बारे में लिखा था। वह साहित्यकार होने के साथ-साथ आईआईटी कानपुर के कुलसचिव भी रह चुके हैं।

साहित्यकार व आईआईटी कानपुर में कुलसचिव रहे पद्मश्री गिरिराज किशोर का जन्म 8 जुलाई 1937 को मुजफ्फरनगर में हुआ था।

[भारत-दर्शन समाचार]

Previous Page  |  Index Page  |   Next Page

Comment using facebook

 
 
Post Comment
 
Name:
Email:
Content:
Type a word in English and press SPACE to transliterate.
Press CTRL+G to switch between English and the Hindi language.
 
 

सब्स्क्रिप्शन

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश