भाषा राष्ट्रीय शरीर की आत्मा है। - स्वामी भवानीदयाल संन्यासी।

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ज्ञानप्रकाश विवेक की ग़ज़लें (काव्य)     
Author:ज्ञानप्रकाश विवेक | Gyanprakash Vivek

प्रस्तुत हैं ज्ञानप्रकाश विवेक की ग़ज़लें !

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