साहित्य का स्रोत जनता का जीवन है। - गणेशशंकर विद्यार्थी।

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कौरव कौन, कौन पांडव

 (काव्य) 
 
रचनाकार:

 अटल बिहारी वाजपेयी | Atal Bihari Vajpayee

कौरव कौन
कौन पांडव,
टेढ़ा सवाल है।

दोनों ओर शकुनि
का फैला
कूटजाल है।

धर्मराज ने छोड़ी नहीं
जुए की लत है।
हर पंचायत में
पांचाली
अपमानित है।

बिना कृष्ण के
आज
महाभारत होना है,
कोई राजा बने,
रंक को तो रोना है।

- अटल बिहारी वाजपेयी

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