देहात का विरला ही कोई मुसलमान प्रचलित उर्दू भाषा के दस प्रतिशत शब्दों को समझ पाता है। - साँवलिया बिहारीलाल वर्मा।

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जुलाई-अगस्त 2017

जुलाई-अगस्त 2017

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आज़ादी

भोग रहे हम आज आज़ादी, किसने हमें दिलाई थी!
चूमे थे फाँसी के फंदे, किसने गोली खाई थी?

बलिवेदी को शीश दिया था, मौत से करी सगाई थी,
क्या ‘ऐसी आज़ादी' खातिर हमने जान गंवाई थी?

मांग रहा था  देश खून जब, किसने प्यास बुझाई थी?
देश के वीरों ने हँस-हँसकर काहे फाँसी खाई थी !

देश की खातिर मर मिटने की कसमें खूब निभाई थी
भारतवासी मिटे हजारों, तब आज़ादी आई थी!

                              -रोहित कुमार

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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का राष्ट्र के नाम संदेश - 14 अगस्त, 2017

 

स्वतंत्रता-दिवस पर भी विशेष सामग्री प्रकाशित की गई है। पढ़िए गुमनाम शहीदों पर प्रकाश डालती पांडेय बेचैन शर्मा 'उग्र' की कहानी 'उसकी माँ'।

इस अंक में स्वतंत्रता-दिवस से संबंधित रचनाओं को भी प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है जिनमें सम्मिलित हैं कविताएँ, कहानियाँ व बाल-साहित्य।

कथा-कहानी के अतिरिक्त पढ़िए कविताएँ, दोहे, ग़ज़लें, आलेख, व्यंग्य, लघु-कथाएं व बाल-साहित्य।

रक्षा-बंधन की पौराणिक कथाएँ व इससे संबंधित सामग्री पढ़ें।

राष्ट्रपति ने रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर शुभकामनाएं दीं

भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में कहा:

"रक्षा बन्धन के शुभ अवसर पर मैं समस्त देशवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देता हूं।

यह विशेष पर्व भाई-बहन के बीच वचनबद्धता के एक पवित्र संबंध के रूप में मनाया जाता है। प्रेम, स्नेह और परस्पर विश्वास का प्रतीक रक्षा बन्धन हमारे देश के सभी लोगों के लिए सुख और समृद्धि लाए। यह दिन भारतवासियों में भाईचारे की भावना को और सशक्त करने का अवसर बने, ऐसी मेरी मंगलकामना है।'

 

23 जुलाई को शहीद चन्द्रशेखर आजाद की जयंती होती है - पढ़िए उनका परिचय व उनसे संबंधित सामग्री. चंद्रशेखर आज़ाद की कविता - माँ  व चंद्रशेखर की पसंदीदा शायरी

"स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर रहूँगा" का उद्घोष करने वाले पं० बाल गंगाधर तिलक (Bal Gangadhar Tilak) का जन्म 23 जुलाई 1856 को हुआ था। 23 जुलाई को आपकी भी जयंती होती है।

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