भाषा का निर्माण सेक्रेटरियट में नहीं होता, भाषा गढ़ी जाती है जनता की जिह्वा पर। - रामवृक्ष बेनीपुरी।

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मछली की समझाइश‌ (बाल-साहित्य ) 
   
Author:प्रभुद‌याल‌ श्रीवास्त‌व‌ | Prabhudyal Shrivastava

मेंढक बोला चलो सड़क पर,
जोरों से टर्रायें।
बादल सोया ओढ़ तानकर,
उसको शीघ्र जगायें।

मछली बोली पहले तो हम
लोगों को समझायें-
"पेड़ काटना बंद करें वे
पर्यावरण बचायें।

-प्रभुदयाल श्रीवास्तव

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