राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूँगा है। - महात्मा गाँधी।

Find Us On:

English Hindi
Loading

नववर्ष पर.. (काव्य)

Author: अमिता शर्मा

नव उमंग दो नव तरंग दो
नव उत्साह दो नव प्रवाह दो
शुभ संकल्पों से सुवासित
जीवन में जीवन भर दो ।

पावनता से अभि सिंचित हो
जीवन बगिया का हरपल प्रमुदित
कुछ जीवट हो कुछ हो उमंग

जीवन की डगमग नैया को
तुम आज अभय वर दो!

- अमिता शर्मा

 

Back

Comment using facebook

 
Post Comment
 
Name:
Email:
Content:
Type a word in English and press SPACE to transliterate.
Press CTRL+G to switch between English and the Hindi language.
 
 
 
 

सब्स्क्रिप्शन

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश