परमात्मा से प्रार्थना है कि हिंदी का मार्ग निष्कंटक करें। - हरगोविंद सिंह।

Find Us On:

English Hindi
Loading
मरना होगा | कविता (काव्य) 
Click to print this content  
Author:जगन्नाथ प्रसाद 'अरोड़ा'

कट कट के मरना होगा।

आओ वीरो मर्द बनो अब जेल तुम्हे भरना होगा । ।
सत्याग्रह के समर-क्षेत्र मे आ आकर डटना होगा । ।

सूर लड़ाके मरदाने हो पैर हटाना कभी नहीं ।
मरते-मरते माता का अब कर्ज अदा करना होगा । ।

वक्त नहीं है ऐ वीरो अब गाफिल होकर सोने का ।
दौड चलो मैदानों में माता का दुख हरना होगा । ।

याद करो माता का तुमने बहुत दुग्ध है पान किया ।
दुग्ध पिये की लाज बहादुर किसी तरह रखना होगा । ।

शेर मर्द हो वीर बांकुडा याद करो कर्त्तव्यों का ।
मातृ-वेदी पर हँसते-हँसते कट कट के मरना होगा । ।

[स्वतंत्रता की तोप से]
संग्रहकर्ता व प्रकाशक: जगन्नाथ प्रसाद 'अरोड़ा' बनारस

Previous Page  |  Index Page  |   Next Page

Comment using facebook

 
 
Post Comment
 
Name:
Email:
Content:
Type a word in English and press SPACE to transliterate.
Press CTRL+G to switch between English and the Hindi language.
 
 

सब्स्क्रिप्शन

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश