जब हम अपना जीवन, जननी हिंदी, मातृभाषा हिंदी के लिये समर्पण कर दे तब हम किसी के प्रेमी कहे जा सकते हैं। - सेठ गोविंददास।
ज्ञान का पाठ  (काव्य)    Print this  
Author:रोहित कुमार 'हैप्पी' | न्यूज़ीलैंड

डॉ० कलाम को समर्पित....


ज्ञान का पाठ उसने पढ़ाया हमें
ख्वाब भी लेना उसने सिखाया हमें

मन के आंगन में छाई जो काली घटा
गीत अभियान का गा सुनाया हमें

ख़ास होकर भी वो आदमी आम था
सादगी क्या है उसने बताया हमें

उसने गीता पढ़ी, और पढ़ी थी कुरां
धर्म इंसानियत का पढ़ाया हमें

जब तलक सांस है कर्म करते रहो
जाते-जाते भी रस्ता दिखाया हमें

- रोहित कुमार 'हैप्पी'

 

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