जब हम अपना जीवन, जननी हिंदी, मातृभाषा हिंदी के लिये समर्पण कर दे तब हम किसी के प्रेमी कहे जा सकते हैं। - सेठ गोविंददास।
स्वामी विवेकानंद की कविताएं (काव्य)    Print this  
Author:स्वामी विवेकानंद

यहाँ स्वामी विवेकानंद की कविताएं संकलित की गई हैं।

 

 

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