जब हम अपना जीवन, जननी हिंदी, मातृभाषा हिंदी के लिये समर्पण कर दे तब हम किसी के प्रेमी कहे जा सकते हैं। - सेठ गोविंददास।
एलिस मुनरों को लघु-कथाओं के लिए नोबेल पुरस्कार (विविध)  Click to print this content  
Author:भारत-दर्शन समाचार

नाडा की लेखिका एलिस मुनरो को लघु कहानियों के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। एलिस मुनरो का जन्म 10 जुलाई 1931 को कनाडा में हुआ था। मुनरो को 2009 में बुकर प्राइज़ से भी सम्मानित किया जा चुका है और वे तीन बार कनाडा के गवर्नर जनरल पुरस्कार की विजेता रही हैं। एलिस मुनरों लंबे समय से लघु कहानी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचानी जाती हैं।

किसी कनेडियन को साहित्य के लिए दिया गया यह शायद पहला नोबेल पुरस्कार कहा जा सकता है। इससे पहले भी 'कनाडा' के सोल बेलो को 1976 में नोबेल पुरस्कार दिया गया था लेकिन वे बचपन में कनाडा से अमरीका स्थानांतरित हो गए थे और वे अमरीका के निवासी थे। उन्हें सदैव एक अमरीकी के रूप में ही पहचाना गया।

1901 से 2013 के बीच साहित्य का नोबेल पुरस्कार 110 विजेताओं को दिया जा चुका है। 2012 में यह पुरस्कार चीन के मो यान को दिया गया था।

किसी भारतीय को यह पुरस्कार केवल 1913 में रबीन्द्रनाथ टैगोर को मिला था व भारतीय मूल के (त्रिनिदाद में जन्में) और  ब्रिटेन निवासी सर विद्याधर सूरजप्रसाद नायपाल को 2001 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था। 

 

- रोहित कुमार 'हैप्पी'

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