क्या संसार में कहीं का भी आप एक दृष्टांत उद्धृत कर सकते हैं जहाँ बालकों की शिक्षा विदेशी भाषाओं द्वारा होती हो। - डॉ. श्यामसुंदर दास।

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एक वाक्य (काव्य)    Print  
Author:धर्मवीर भारती | Dhramvir Bharti
 

चेक बुक हो पीली या लाल,
दाम सिक्के हों या शोहरत --
कह दो उनसे
जो ख़रीदने आये हों तुम्हें
हर भूखा आदमी बिकाऊ नहीं होता है!

-धर्मवीर भारती
[सात गीत वर्ष]

 

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