अकबर से लेकर औरंगजेब तक मुगलों ने जिस देशभाषा का स्वागत किया वह ब्रजभाषा थी, न कि उर्दू। -रामचंद्र शुक्ल

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67वां गणतंत्र-दिवस समारोह

67वां गणतंत्र-दिवस समारोह | The 67th Republic Day Ceremony

 

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