हिंदी ही भारत की राष्ट्रभाषा हो सकती है। - वी. कृष्णस्वामी अय्यर

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Posted By Suresh Agrawal   on 28-11-2017
भारत-दर्शन का प्रयास प्रशंसनीय है। सात समुन्दर पार हिन्दी की निरंतर अलख जगाये रखने का शुक्रिया। -सुरेश अग्रवाल, केसिंगा (ओड़िशा) Contact No.+91 9437154555
Posted By SATYAPRAKASH   on 14-11-2017
बहुत दिनों के बाद वेबसाइट पर आने का मौका मिला। निश्चय ही इसमें व्यापक स्तर पर सुधार किया गया है। नए लेखकों, कवियों और बदलते भारत की घटनाओं को इसमें शामिल करते हुए इसे और रोचक तथा प्रासंगिक बनाया जा सकता है।
Posted By Vaghelaharesh   on 09-10-2017
Nice
Posted By jyoti    on 14-09-2017
Aap ka paryas srahniy hain. Aap ke atha gyan sagar main kuch boondo ka daan main bhi karna chahti huin. Kuch panktiya likhi hain maine aaj kal ke halaat or jiven ki bekadri ke uper .
Posted By k.mohan menon   on 22-07-2017
A glimpse into the past heritage in all its manifestations.evokes a cultural pride in each and every indian.In this context bharat darshan site fits the bill and deserves appreciation and commendation for this useful productive and inspiring venture
Posted By PREMRAJCHOURDIA   on 23-05-2017
निश्चय ही आपका प्रयास एक सार्थक और सही कदम है। आपको इस प्रकार के प्रकाशन के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं ।
Posted By Keerti Thakur   on 23-05-2017
भारत दर्शन सच में अद्भुत है।साहित्य के प्रसार और प्रचार का नवीनतम साधन है।
Posted By RACHIT M. DESAI   on 18-05-2017
राष्ट्रभाषा हिंदी के साहित्य के प्रचार-प्रसार में भारत दर्शन जैसी इ-पत्रिकाओं का योगदान बेहद महत्त्वपूर्ण है । हिंदी की सेवा के इस महायज्ञ के लिए अनेक शुभकामनाएँ ।
Posted By Rameh C Sharma   on 13-04-2017
पढ़कर अच्छा लगा यह बहुत बेहतरीन पत्रिका है
Posted By prabhat shukla    on 31-03-2017
हिंदी भाषा मेरी माता के सामान है और यदि कोई माता का अभिवादन करता है तो वह भी मेरे लिए सम्मानीय और आदरणीय हो जाता है ...आपने तो हमारी माता को न सिर्फ ऊँचे आसान में बिठा रखा है बल्कि उनकी चरण वंदन कर पूजा अर्चना कर रहे है निश्चित रूप से यह कृत्या सराहनीय है आप सभी पथ संचालक अवं पाठकगण के उज्जवल भविष्य के कामनाओ सहित , प्रभात शुक्ल भरारीवाले रायपुर छ ग भारतवर्ष
Posted By dalip kumar   on 21-03-2017
निश्चय ही आपका प्रयास एक सार्थक और सही कदम है। आपको इस प्रकार के प्रकाशन के मेरी हार्दिक शुभकामनाएं ।
Posted By ameetpatel   on 12-10-2016
Nice poems.
Posted By J. Sengupta   on 23-08-2016
यह इतनी अच्छी वेबसाइट है की इसे ज्ञान का भंडार कहा जा सकता है। धन्यवाद।
Posted By Haribabu Soni   on 20-08-2016
पढ़कर अच्छा लगा यह बहुत बेहतरीन पत्रिका है
Posted By rizwan khan   on 06-08-2016
राष्‍ट्रक‌वि मै‌थिलीश्‍ारण्‍ा की जयंती के उपलक्ष्‍य में अ‌धिक जानकारी पाने के ‌लिए नेट ख्‍ांगाल रहा था। तभी भारत दर्शन का ‌लिंक ‌मिला। प‌त्रिका का कंटेट बेहद शानदार है। एक लेख्‍ा पढ़ने आया था, कई लेख्‍ा पड़ डाले। आपके सराहनीय काम के लिए बधाई।
Posted By NARAYAN LAL   on 31-07-2016
भारत दर्शन पढने के बाद आज मैं अपने बचपन के दिनों में वापस लौटा. मेरी विद्यार्थी जीवन की यादें ताजा हो गईं ,जिसका पूरा श्रेय भारत दर्शन को जाता है.यह बहुत उपयोगी एवं प्रभावोत्पादक ऑनलाइन हिंदी की प्रामाणिक पत्रिका है .इसकी सफलता की दिली कामना के साथ संपादक महोदय को उनकी पूरी टीम को साधुवाद, उनके सद्प्रयासों के लिए . भवदीय नारायण लाल. शिक्षक ,केंद्रीय विद्यालय वायु सेना स्थल ,रजोकरी नई दिल्ली -११००२७ +919969185568
Posted By Rajeev Ranjan    on 29-07-2016
हिंदी के धरोहर के रूप में काम करने के लिए आपका आभार. बहुत कुछ जानने को मिला. आपको बहुत बहुत साधुबाद !
Posted By Pallavi Priyam   on 27-07-2016
सचमुच अदभुत पत्रिका है।बहुत अच्छा लगा पढकर।आपका बहुत बहुत धन्यवाद ।
Posted By Shankar chandraker   on 26-07-2016
बहुत ही सराहनीय प्रयास है। सुन्दर व पठनीय मैग्जीन है। बधाई के पात्र हैं।
Posted By Rajeev Ranjan    on 27-06-2016
भारती संस्कृति का धरोहर है ये वेब साइट आप सभी को धन्याद जो इतनी पुराणी कर्ती को अपडेट किया है
Posted By aviral    on 17-05-2016
फैंटास्टिक वेबसाइट
Posted By NEHA DEVI   on 01-05-2016
Bhut achha lga padkr
Posted By A K NIGAM   on 02-04-2016
यह एक इस अमेजिंग साइट है धन्यवाद
Posted By sandhya tiwari   on 12-01-2016
भारत दर्शन पढ़कर मुझे बहुत ख़ुशी हुई। यहाँ विभिन्न लेखको के बारे में पढ़ना उनकी रचनाओं को पढ़ना बहुत ही रोचक लगता है। मै स्वयं कुछ कहानिया लिखना चाहती हूँ। इन लेखको को पढ़कर प्रेरणा मिलती है। -----धनयवाद
Posted By Lalit Maharaj   on 22-11-2015
बहुत बेहतरीन पत्रिका है . एक हिंदी शिक्षक होने के नाते मुझे इस पत्रिका से बहुत सामग्री प्राप्त हो जाती है आशा है की पत्रिका प्रगति करती रहेगी धन्यवाद
Posted By chandra shekhar Prasad   on 18-09-2015
भारतीय संस्कृति की आत्मा को जीवित रखने के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद! हमारी शुकामनाएँ आपके साथ हैं |
Posted By PARI KASHYAP   on 27-08-2015
हमे भारत दर्शन पढ़ कर अच्छा लगा. धन्यवाद ...............
Posted By Dilkhush Swami   on 23-08-2015
हिंदी को आगे बढ़ाने का ये आपका प्रयास शोभनीय है और मैं आशा करता हूँ कि आगे भी इसी तरह प्रयासरत रहेंगे | धन्यवाद !
Posted By Mona asar   on 17-08-2015
भीष्म साहनीजी की रचनाओं को ढूंढते हुए भारत-दर्शन के दर्शन हो गए. हिंदी रचनाओं से रूबरू करवाने के लिए ह्रदय से धन्यवाद हिंदी भाषा की साँसों में रवानी यूँ ही भर्ती रहे.
Posted By REKHA   on 11-08-2015
काबुलीवाला को ढूंढते हुए भारत दर्शन तक पहुंची, स्कूल का ज़माना याद आ गया ! धन्यवाद बीती यादें लौटाने के लिए ।
Posted By jyoti chaudhary   on 07-08-2015
हिंदी साहित्य का ऐसा संग्रह एक ही जगह पर उपलब्ध करने के लिए आपका धन्यवाद.
Posted By ARTI SHARMA   on 08-07-2015
धनयवाद की आप ये प्रकाशित करते है
Posted By manju and arti   on 08-07-2015
अपनी धरोहर को पहचानने का एक जरिया देने के लिए बहुत बड़ा धन्यवाद
Posted By raju mandal   on 24-06-2015
mujhe a bharat darsan se kafi kuch sikhne ko milta hai.
Posted By n k chauhan   on 21-06-2015
भारत दर्शन प्रकाशित करने के लिए आपका बहुत -२ शुक्रिया, इस पुस्तिका को कैसे हासिल किया जा सकता है.
Posted By nigam jani   on 27-05-2015
बहोत ही ख़ुशी हुयी आपके द्वारा सकलित की गयी साहित्यिक जानकारी के लिए खूब खूब धन्यवाद आपका...
Posted By 123   on 18-05-2015
गुड वेबसाइट अच्छा है .
Posted By Ria Sharma    on 16-05-2015
नमस्कार ! गुरुदेव टैगोर को ढूंढते हुए इस पत्रिका तक पहुँच गई। कमाल है। इतनी खूबसूरत जानकारियों और हिंदी लेखन जगत को समृद्ध करती ई-पत्रिका मेरी नज़र में अब तक कैसे नहीं आई ? इस उत्तम और सराहनीय प्रयास के लिए आपको बहुत -बहुत बधाई और शुभकामनाएं !
Posted By sudhanshu kumar   on 11-05-2015
भारतीय संस्कृति की आत्मा को जीवित रखने के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद! हमारी शुकामनाएँ आपके साथ हैं |
Posted By DR.R.Suman Lata   on 07-05-2015
आप का हिंदी के प्रति समर्पण भाव देखकर मन गदगद हो रहा है.
Posted By ram pavitra sen   on 28-06-2014
हिंदी को आप लोगों ने जीवित कर रखा है इसके लिए आपका धन्यवाद .....
Posted By AMIT KUMAR SINGH   on 18-06-2014
भारत-दर्शन हिंदी भाषा के लिये इस समय संजीवनी का काम कर रही है ....आप को बहुत - बहुत धन्यवाद
Posted By pratima pandey    on 31-05-2014
मुझे आप का भारत दर्शन अति पसंद है। कृपया इस में उपन्यास भी रखे।
Posted By axat sharma   on 31-05-2014
Very good work.
Posted By prabhat kumar   on 24-03-2014
आपकी इस साईट पर आ कर अच्छा लगा. बहुत गर्व की बात है कि आप देश से बाहर रह कर भी हिन्दी की प्रगति के लिये इतना कार्य कर रहे हैं. -Prabhat kumar 8962503765
Posted By अमिय प्रकाश गौतम    on 20-03-2014
मुझे स्कूल से ही हिन्दी साहित्य मे बहुत रूचि थी खासकर कविता लिखने की। इसलिए मुझे आपके इस ई-पत्रिका से बहुत जानकारी मिलती है और मै इसका नियमित पाठक हूं। ॥ धन्यवाद ॥
Posted By dharmraj joshi   on 19-03-2014
saharniya prayaas...uttam vichar
Posted By ombir   on 07-03-2014
भारत दर्शन से काफी कुछ सीखने को मिलता है ये मेरे जीवन का एक अहम् हिस्सा बन गया है।
Posted By sapna   on 28-02-2014
It is always nice to visit your site. U are doing a good job for home so away from home. We miss you
Posted By harendra kumar   on 28-02-2014
आज इंटरनेट पे बच्चो के प्रोजेक्ट पे कार्य कर रहा था कि आचानक ये हिंदी भारत दर्शन वेबसाइट मिला . मिला क्या हिंदी काव्य , लेख ,कविताये ,बालसाहित्य ............................. एवं तमाम हिंदी जानकारी मिली . मन प्रसन हो गया . काश लॉगिन मिलता तो मज़ा आ जाता . धन्यवाद मित्रो . आपका .. हरेन्द्र कुमार यश स्क्वायर संगम नगर जुनी सांगवी पुणे -४११०२७ .
Posted By Sajid Akram   on 22-02-2014
पहली बार इस तरह की हिंदी साईट को देख कर बहुत अच्छा लगा . ग्रेट वर्क . कीप इट अप .
Posted By Dr. Nisha Sharma   on 15-02-2014
आश्चर्य-मिश्रित प्रसन्नता हुई इतनी शुद्ध और परिष्कृत भाषा में एक उच्चस्तरीय ई-पत्रिका देखकर। आपको ह्रदय से कोटि-कोटि शुभकामनायें। यदि मै किसी किस्म का कोई साहित्यिक योगदान दे पाऊँ तो अपने आपको भाग्यशाली समझूगी।
Posted By Smt Arvind Tamrakar Bhopal M.P.   on 15-02-2014
हिंदी के प्रति आपका योगदान अविस्मरणीय है.
Posted By Chandra Prakash Tripathi   on 05-02-2014
भारत दर्शन निश्चय ही हर प्रवासी को अपने देश की मिट्टी और आबोहवा से जोड़नेवाली पत्रिका है | इसकी प्रस्तुति में भारतीय संस्कृति की गहराई है | यह पत्रिका भारत की मुख्य धरती से प्रकाशित पत्रिकाओं की स्तरता से स्पष्टतः सफल स्पर्धा करती है | सधन्यवाद, भवदीय चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी सी - १९२ अर्जुन नगर सफदरजंग एन्क्लेव नई दिल्ली - ११००२९ मो फ़ो . ९८९१४१८८३९
Posted By divya bajpai   on 21-01-2014
मुझे आपकी सारी कहानी बेहद अच्छी लगी धन्यवाद् .
Posted By sunil    on 03-10-2013
सात समंदर पार से मिट्टी की महक आई है, भारत-दर्शन की बतियाँ मन को भाई है!
Posted By lokesh verma   on 17-09-2013
भारत के सारे पर्यटन तीर्थ स्थल को दर्शाए भारत दर्शन कराये
Posted By Rashmi   on 06-09-2013
बहुत समय के बाद आज फिर से भारत- दर्शन को विजिट किया... देख कर अच्छा लगा.. बहुत अच्छा संस्करण बन कर सामने आया है... अपेक्षा करती हूँ कि अब और नयी नयी कहानियां पढ़ने को मिलेगी। धन्यवाद।
Posted By सुमित दुबे   on 31-08-2013
भारतीय साहित्य को दर्शाने का आपका प्रयास अति उत्तम एवं सराहनीय है| मैं इस प्रकार की वेबसाइट की तलाश में ही था| ये जानकर बड़ा आश्चर्य हुआ कि कोई भारत के बाहर से ये वेबसाइट चला रहा है, पर साथ ही ख़ुशी और गर्व भी हुआ| सुझाव - कृपया महाकवि "नरोत्तम दस" को भी अपनी सूची में सम्मिलित करें जिन्होंने सुदामा चरित, ध्रुव चरित तथा कुछ अन्य काव्यों की रचना की, जिनकी चर्चा के स्रोत और कही नहीं हैं |
Posted By Narayan Dutt Mishra   on 01-08-2013
बहुत ख़ुशी हुई की आप सब न्यूजीलैण्ड में होते हुए भी हिन्दी की उन्नति में अपना अमूल्य योगदान अन्तर्जाल पर उपलब्ध करा रहे हैं. कोटिशः शुभकामनाएं.
Posted By balwant shitole   on 09-07-2013
गुड जॉब बेस्ट ऑफ़ लक
Posted By मोहिन्दर कुमार   on 27-06-2013
आपकी इस साईट पर आ कर अच्छा लगा. बहुत गर्व की बात है कि आप देश से बाहर रह कर भी हिन्दी की प्रगति के लिये इतना कार्य कर रहे हैं. -मोहिन्दर कुमार
Posted By Dr Sushma Mehta   on 07-06-2013
हिंदी की एक श्रेष्ठ पत्रिका हैं। इसके लिए आप बधाई के पात्र हैं।
Posted By Dr Sushma Mehta   on 31-05-2013
हिंदी भाषा के प्रति आकर्षण उत्पन्न करने एवं भारतीय संस्कृति से पहचान कराने हेतु आपका प्रयास अत्यंत सराहनीय है I
Posted By deepak shukla   on 29-04-2013
अति उत्तम काम कर रहे है आप लोग ....मेरी तरफ से साधुवाद...
Posted By sunita   on 18-03-2013
मैं बता नहीं सकती मुझे कितनी ख़ुशी मिली ये साईट को पाकर। जब भी ऑफिस में या घर में मेरा मन उदास हो जाता है मैं ये साईट खोलकर बैठ जाती हूँ। सारी उदासी चली जाती है। मैं बस कहानियों में खो जाती हूँ। बहुत बहुत शुक्रिया। बहुत साडी शुभकामनाएं आपको!
Posted By Er Hemant kumar   on 15-03-2013
आदरणीय महोदय, सादर प्रणाम! आप द्वारा किये गए काम की सराहना के लिए सच में हमारे पास कोई शब्द नहीं है. आज अचानक मुझे यह अतुलनीय साईट मिला, मैं अत्याधिक खुश हूँ. भगवान की इच्छा और आपका सहयोग रहा तो इसमें चार चाँद लगेगा. धन्यवाद. ई हेमंत खनिक +९१७५८७१३४२६२/+९१९७५३२२८०१०/+९१७८५७२५५६०१ बीएससी (गणित) बी टेक (खनन अभियांत्रिकी -आई एस एम् धनबाद ),एफसीसी ,आर क्यू पी ,पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन एनवायरनमेंट & सस्टेनेबल डेवलपमेंट,रेल ट्रांसपोर्ट एंड मैनेजमेंट.क्यू सी ऍफ़ आय ,वी एस सी ,एम् आयी ई एम्म एम्म एय ,एम् यी एय यी
Posted By Navaneet Tripathi   on 19-02-2013
न्यूज़ीलैंड में रहकर आपलोग बहुत ही प्रसंशनीय काम कर रहे है. बहुत बहुत शुभकामनाएं आपको.
Posted By मनीष झा "बौआभाइ"   on 30-11--0001
पाश्चात्य सभ्यता के इस चकाचौंध में विलुप्त होते भारतीय संस्कृति और भाषा के प्रति चिन्ता का बढ़ना स्वाभाविक है. ऐसी परिस्थितियों में भारत दर्शन का यह दृढ़संकल्पित प्रयास ना मात्र सराहनीय है अपितु प्रशंसनीय भी है और आशा करते हैं इसके गुणवत्ता और निरंतरता को बनाए रखने में इस वेबसाइट के संचालक समूह भाषा के रक्षार्थ और राष्ट्रहित में अपना योगदान इसी ईमानदारी से प्रस्तुत करते रहेंगे. आपका स्नेहाकांक्षी : मनीष झा "बौआभाइ"
Posted By अनुज कुमार   on 30-11--0001
भारत दर्शन वेबसाइट को बहुत बहुत आभार ! जय हिन्द जय हिन्दी जय हिन्दुस्तान !
Posted By rajesh sarkar   on 30-11--0001
श्रीमान सादर प्रणाम आपकी राष्ट्र भाषा हिंदी की सेवा निःसंदेह प्रशंसनीय है
 
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