वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं। - मैथिलीशरण गुप्त।

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उदयभानु हंस की ग़ज़लें (काव्य) 
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रचनाकार: उदयभानु हंस | Uday Bhanu Hans

उदयभानु हंस का ग़ज़ल संकलन

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