भारतेंदु और द्विवेदी ने हिंदी की जड़ पाताल तक पहुँचा दी है; उसे उखाड़ने का जो दुस्साहस करेगा वह निश्चय ही भूकंपध्वस्त होगा।' - शिवपूजन सहाय।

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वन्देमातरम् | राष्ट्रीय गीत

 (काव्य) 
 
रचनाकार:

 भारत-दर्शन संकलन | Collections

वंदे मातरम्, वंदे मातरम्!
सुजलाम्, सुफलाम्, मलयज शीतलाम्,
शस्यश्यामलाम्, मातरम्!
वंदे मातरम्!
शुभ्रज्योत्सनाम् पुलकितयामिनीम्,
फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्,
सुहासिनीम् सुमधुर भाषिणीम्,
सुखदाम् वरदाम्, मातरम्!
वंदे मातरम्, वंदे मातरम्॥


- बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय (चटर्जी)


सनद रहे:


  • 'राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् ' किस बांग्ला साहित्यकार ने लिखा था? 

    बंकिम चन्द्र चटर्जी ने


  • राष्ट्रीय गीत को 1882 में किस उपन्यास में लिखा गया था?

    आनन्द मठ में


  • राष्ट्रीय गीत को सर्वप्रथम 1896 में कहाँ गाया गया था?

    भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में


  • राष्ट्रीय गीत को संविधान सभा ने कब राष्ट्रीय गीत के रूप में अंगीकार किया?

    24 जनवरी, 1950 को


  • राष्ट्रीय गीत के प्रथम गायक कौन थे?
    पंडित ओकारनाथ ठाकुर


  • राष्ट्रीय गीत का अंग्रेजी अनुवाद किसने किया था?

    श्री अरबिन्दो ने

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