समस्त भारतीय भाषाओं के लिए यदि कोई एक लिपि आवश्यक हो तो वह देवनागरी ही हो सकती है। - (जस्टिस) कृष्णस्वामी अय्यर

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मीरा के भजन

 (काव्य) 
 
रचनाकार:

 मीराबाई | Meerabai

मीरा के भजनों का संग्रह।

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मेरो दरद न जाणै कोय
चलो मन गंगा-जमना-तीर
श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया
होरी खेलत हैं गिरधारी
Posted By manish Bishnoi   on Wednesday, 25-Nov-2015-06:28
9521141229

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