क्या संसार में कहीं का भी आप एक दृष्टांत उद्धृत कर सकते हैं जहाँ बालकों की शिक्षा विदेशी भाषाओं द्वारा होती हो। - डॉ. श्यामसुंदर दास।

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दो अक्टूबर - रत्न चंद 'रत्नेश'

 (बाल-साहित्य ) 
 
रचनाकार:

 भारत-दर्शन संकलन | Collections

लाल बहादुर, महात्मा गांधी
लेकर आए ऐसी आंधी
कायाकल्प हुआ देश का
जन-जन में चेतना जगा दी।

जन्में थे दोनों दो अक्टूबर
ये पुण्य आत्मा हमारे रहबर
देश-देश, कोने-कोने में
सुख शांति की जोत जला दी।

कोई भी जाति कोई धर्म हो
राग-द्वेश नहीं, एक-सा मर्म हो
मिल-जुल कर रहना सिखलाया
अखंडता की सुगंध फैला दी।

शास्त्री जी का नारा महान
जय जवान, जय किसान
सत्य अहिंसा के बल पर
गांधीजी ने धाक जमा दी।

- रत्न चंद 'रत्नेश'

 

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