देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।

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लायक बच्चे

 (कथा-कहानी) 
 
रचनाकार:

 रोहित कुमार 'हैप्पी'

अकेली माँ ने उन पाँच बच्चों की परवरिश करके उन्हें लायक बनाया। पांचों अपने पाँवों पर खड़े थे।

उनको खड़ा करते-करते माँ बैठ गई थी पर उसे खड़ा करने को कोई नहीं था।  माँ ने एक आधा नालायक़ पैदा किया होता तो शायद आज साथ होता पर लायक बच्चे तो बहुत व्यस्त हो चुके थे।

रोहित कुमार 'हैप्पी'
न्यूज़ीलैंड।

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