समाज और राष्ट्र की भावनाओं को परिमार्जित करने वाला साहित्य ही सच्चा साहित्य है। - जनार्दनप्रसाद झा 'द्विज'।

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मैडम की सीख

 (बाल-साहित्य ) 
 
रचनाकार:

 डा रामनिवास मानव | Dr Ramniwas Manav

भारी-भरकम बस्ता लेकर,
मोनू चला स्कूल।
लेकिन कॉपी और पैन्सिल
घर पर आया भूल।

मैडम ने प्यार किया उसको,
फिर समझाया यूं-
'बिन हथियार युद्ध में जाना
होता है फिजूल।'

बात समझ में आई उसके,
गलती की कबूल।
दिया आश्वासन, होगी कभी
फिर न ऐसी भूल।

--डॉ रामनिवास मानव

 

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