समस्त भारतीय भाषाओं के लिए यदि कोई एक लिपि आवश्यक हो तो वह देवनागरी ही हो सकती है। - (जस्टिस) कृष्णस्वामी अय्यर

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समंदर की उम्र (काव्य)  Click To download this content
   
Author:अशोक चक्रधर | Ashok Chakradhar

लहर ने
समंदर से
उसकी उम्र पूछी,
समंदर मुस्करा दिया।

लेकिन जब
बूँद ने
लहर से
उसकी उम्र पूछी
तो
लहर बिगड़ गई
कुढ़ गई
चिढ़ गई
बूँद के
ऊपर ही
चढ़ गई...और. . .
इस तरह
मर गई!

बूँद समंदर में समा गई
और. . .
समंदर की उम्र
बढ़ा गई!

- अशोक चक्रधर
[सोची-समझी, प्रतिभा प्रतिष्ठान, नई दिल्ली]

 

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