कविता मानवता की उच्चतम अनुभूति की अभिव्यक्ति है। - हजारी प्रसाद द्विवेदी।

Find Us On:

English Hindi
Loading
छोटी कविताएं  (काव्य) 
   
Author:रोहित कुमार 'हैप्पी'

कलयुग

 

कलयुग में पाई है बस यही शिक्षा
हर बात पर मांगें हैं अग्नि-परीक्षा
बुद्ध भी अगर आज उतरें धरा पर
मांगे ना देगा उन्हें कोई भिक्षा।

 

#

 

शांति

 

ढूंढता रहा उसे

मंदिर में, जंगल में, कंदराओं में

पर मिली नहीं

क्योंकि...

मन अपना मैंने

खोजा ही नहीं !

 

#


मास्साब


वो हमें

पाठशाला में

हिंदी का पाठ

पढ़ाते रहे।

और...

उनके बच्चे

अंग्रेजी स्कूल में

जाते रहे!

 

#


रिश्ता

उनकी मेरी

तू-तू, मैं-मै

और...

रहती तकरार भी है

लेकिन...

तुम चाहे जो समझो

हमको उनसे प्यार भी है ।

 

#



- रोहित कुमार 'हैप्पी'

Previous Page   Next Page

Comment using facebook

 
Post Comment
 
Name:
Email:
Content:
Type a word in English and press SPACE to transliterate.
Press CTRL+G to switch between English and the Hindi language.
 
 
 

सब्स्क्रिप्शन

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश