अकबर से लेकर औरंगजेब तक मुगलों ने जिस देशभाषा का स्वागत किया वह ब्रजभाषा थी, न कि उर्दू। -रामचंद्र शुक्ल

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ख़बरदार | लघु-कथा (कथा-कहानी)  Click To download this content
   
Author:सआदत हसन मंटो | Saadat Hasan Manto

बलवाई मालिक मकान को बड़ी मुश्किलों से घसीटकर बाहर लाए।

कपड़े झाड़कर वह उठ खड़ा हुआ और बलवाइयों से कहने लगा, "तुम मुझे मार डालो, लेकिन ख़बरदार, जो मेरे रुपए-पैसे को हाथ लगाया...!"

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Hindi Laghu Katha (Short Story) by Saadat Hasan Manto

सआदत हसन मंटों की लघु-कथाएं

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