कविता मानवता की उच्चतम अनुभूति की अभिव्यक्ति है। - हजारी प्रसाद द्विवेदी।

Find Us On:

English Hindi
भूमण्डलीय तापक्रम वृद्धि (काव्य) 
   
Author:शारदा मोंगा

प्रश्न चिन्ह? खतरा अत्यधिक,
जलप्रदूषण के खतरों से,
जीव जगत को बचावो,
पानी व्यर्थ न बहावो,
पानी है जीवनदाता,
पानी की हर बूँद बचाओ.

बुंदिया पानी की अनमोल,
जीव जगत,
जीवन की डोर,
पानी की हर बूँद खेत में,
शुष्क धरा को अंकुरित कर,
हरित लहराती,
जीव जगत की प्यास बुझाती,

शुष्क हो रहे,
सूख रहे सब,
नदी, नाले, पोखर,
और झील,
जल वायु स्वर्ग सरीखा ,
जल था कभी,
स्वच्छ सुनील,

कारखानों के,
कूड़े करकट,
रासायनिक पदार्थ,
अपविष्ट,
पानी गन्दा करें विषैला,
प्रदूषित करते,
लोग अशिष्ट,

जलप्रदूषण के खतरों से,
जीव जगत को बचावो,
पानी व्यर्थ न बहावो,
पानी है जीवनदाता,
पानी की हर बूँद बचाओ.
जगह जगह नारा लगाओ-
'पानी बचाओ,'पानी बचाओ'

-शारदा मोंगा.

 

Previous Page  | Index Page  |    Next Page
 
 
Post Comment
 
Name:
Email:
Content:
Type a word in English and press SPACE to transliterate.
Press CTRL+G to switch between English and the Hindi language.
 
 
 

सब्स्क्रिप्शन

सर्वेक्षण

भारत-दर्शन का नया रूप-रंग आपको कैसा लगा?

अच्छा लगा
अच्छा नही लगा
पता नहीं
आप किस देश से हैं?

यहाँ क्लिक करके परिणाम देखें

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश