विदेशी भाषा का किसी स्वतंत्र राष्ट्र के राजकाज और शिक्षा की भाषा होना सांस्कृतिक दासता है। - वाल्टर चेनिंग

Find Us On:

English Hindi
पंछी का मन दुखता | बाल-कविता (बाल-साहित्य ) 
   
Author:जयप्रकाश मानस | Jaiprakash Manas

कुआं है गांव में
कुएं में घटता पानी।
सोचकर मछली को
है बड़ी हैरानी।

घास है जंगल में
घास भी मुरझाई।
सोचकर गायों की
आँखें भर आईं।

पेड़ है पर्वत में
पेड़ भी लो सूखता।
सोचकर पंछी का
मन बहुत दुखता।

-- जयप्रकाश मानस

[जयप्रकाश मानस की बाल कविताएं, यश पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स दिल्ली]

 

 

Previous Page  | Index Page  |    Next Page
 
 
Post Comment
 
Name:
Email:
Content:
Type a word in English and press SPACE to transliterate.
Press CTRL+G to switch between English and the Hindi language.
 
 
 

सब्स्क्रिप्शन

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश