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प्रेमचंद के संस्मरण (विविध)

Author: भारत-दर्शन संकलन

एक बार बनारसीदास चतुर्वेदी ने प्रेमचन्द को मज़ाक में पत्र लिखकर शिवरानी (प्रेमचंद की पत्नी) को कलाई घड़ी दिलने की सिफ़ारिश की। चतुर्वेदी ने पत्र में लिखा -

"आप श्रीमती शिवरानी देवीजी को एक रिस्टवाच क्यों नहीं खरीद देते?"

इसका उत्तर देते हुए प्रेमचंद ने लिखा -

".....रही उनकी रिसचटवाच की बात, सो जब कभी कोई उद्योगी पत्रकार उनकी रचनाओं के लिए परिश्रमिक देना प्रारम्भ करेगा तो, वे खुद अपने लिए रिस्टवाच खरीद लेंगी या शायद कोई उन्हें एक रिस्टवाच भेंट ही कर दे!"

यह पत्राचार अंग्रेजी मे हुआ था। मूल उत्तर के अंश निम्न हैं:

[As to her wrist watch, well, when some enterprising journalist begins to pay her for her contributions she will manage for herself or may be someone may present her with one!"]

स्वर्गीय प्रेमचंद/संस्मरण - बनारसीदास चतुर्वेदी
भारतीय ज्ञानपीठ, काशी

 

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