हिंदी और नागरी का प्रचार तथा विकास कोई भी रोक नहीं सकता'। - गोविन्दवल्लभ पंत।
बारह महीने (बाल-साहित्य )  Click to print this content  
Author:प्रशान्त अग्रवाल

पहला माह जनवरी
जाड़ा लाये झुरझुरी

दूसरा है फ़रवरी
शिवजी की बरात चढ़ी

तीसरा फिर मार्च है
होली का उल्लास है

चौथा मास अप्रैल का
फसल पकी, मन झूमता

पाँचवां महीना मई
गर्मी की शुरुआत भई

छठा महीना आया जून
तपता सूरज देता भून

सातवां आया जुलाई
रिमझिम रिमझिम शुरू पढ़ाई

आठवां फिर है अगस्त
जन्मे कान्हा, बारिश मस्त

नवां महीना सितम्बर
निर्मल-स्वच्छ अम्बर

दसवां माह अक्टूबर
रावण को मारें रघुवर

ग्यारहवां है नवम्बर
ठण्ड गुलाबी का नंबर

बारहवां फिर दिसम्बर
सभी रजाई के अन्दर


- प्रशान्त अग्रवाल
सहायक अध्यापक
प्राथमिक विद्यालय डहिया
विकास क्षेत्र फतेहगंज पश्चिमी
बरेली, (उत्तर प्रदेश)

 

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