परमात्मा से प्रार्थना है कि हिंदी का मार्ग निष्कंटक करें। - हरगोविंद सिंह।

Find Us On:

English Hindi
Loading
पानी की बर्बादी (बाल-साहित्य ) 
Click to print this content  
Author:रवि श्रीवास्तव

मत करो मुझको बर्बाद, इतना तो तुम रखो याद।
प्यासे ही तुम रह जाओगे, मेरे बिना न जी पाओगे।

कब तक बर्बादी का मेरे, तुम तमाशा देखोगे,
संकट आएगा जब तुम पर, तब मेरे बारे में सोचोगे।

संसार में रहने वालों को, मेरी जरूरत पड़ती है,
मेरी बर्बादी के कारण, मेरी उम्र भी घटती है।

ऐसा न हो इक दिन मैं, इस दुनिया से चला जाऊं
खत्म हो जाए खेल मेरा, लौट के फिर न वापस आऊं।

पछताओगे रोओगे तुम, नहीं बनेगी कोई बात,
सोचो समझो करो फैसला, अब तो ये है तुम्हारे हाथ।

मेरे बिना इस दुनिया में, जीना सबका मुश्किल है,
अपनी नही भविष्य को सोचो, भविष्य भी इसमें शामिल है।

मुझे ग्रहण कर सभी जीव, अपनी प्यास बुझाते हैं,
कमी मेरी पड़ गई अगर तो, हर तरफ सूखे पड़ जाते हैं।

सतर्क हो जाओ बात मान लो, मेरी यही कहानी है।
करो फैसला मिलकर आज, मत करो मुझको बर्बाद,
इतना तो तुम रखो याद।

- रवि श्रीवास्तव

#

रवि श्रीवास्तव रायबरेली, उत्तर प्रदेश से संबंध रखते हैं। आप कविता, व्यंग्य, आलेख व कहानी लेखन करते हैं और आजकल एक टीवी न्यूज़ एजेंसी से जुड़े हुए हैं।

ई-मेल: ravi21dec1987@gmail.com

 

Previous Page  |  Index Page  |   Next Page

Comment using facebook

 
 
Post Comment
 
Name:
Email:
Content:
Type a word in English and press SPACE to transliterate.
Press CTRL+G to switch between English and the Hindi language.
 
 

सब्स्क्रिप्शन

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश