हिंदुस्तान की भाषा हिंदी है और उसका दृश्यरूप या उसकी लिपि सर्वगुणकारी नागरी ही है। - गोपाललाल खत्री।

Find Us On:

English Hindi
Loading
काम हमारे बड़े-बड़े (बाल-साहित्य ) 
Click to print this content  
Author:चिरंजीत

हम बच्चे हैं छोटे-छोटे, काम हमारे बड़े-बड़े ।
आसमान का चाँद हमी ने
थाली बीच उतारा है,
आसमान का सतरंगा वह
बाँका धनुष हमारा है ।
आसमान के तारों में वे तीर हमारे गड़े-गड़े ।
हम बच्चे हैं छोटे-छोटे, काम हमारे बड़े-बड़े ।
भरत रूप में हमने ही तो
दांत गिने थे शेरों के,
और राम बन दांत किये थे
खट्‌टे असुर-लुटेरों के ।
कृष्ण-कन्हैया बन कर हमने नाग नथा था खड़े- खड़े ।
हम बच्चे हैं छोटे-छोटे, काम हमारे बड़े-बड़े ।।
बापू ने जब बिगुल बजाया
देश जगा, हम भी जागे,
आजादी के महायुद्ध में
हम सब थे आगे-आगे ।
इस झंडे की खातिर हमने कष्ट सहे थे कड़े-कड़े ।
हम बच्चे है छोटे-छोटे, काम हमारे बड़े-बड़े ।।
हर परेड गणतंत्र दिवस की
हम बच्चों से सजती है,
वीर बालकों. की झांकी पर
खूब तालियां बजती हैं ।
पाते जन गण मन का आशिष हाथी पर हम चढ़े-चढ़े ।
हम बच्चे हैं छोटे-छोटे, काम हमारे बड़े-बड़े ।।

- चिरंजीत

[100 श्रेष्ठ बालगीत, गीतांजलि प्रकाशन]

Previous Page  |  Index Page  |   Next Page

Comment using facebook

 
 
Post Comment
 
Name:
Email:
Content:
Type a word in English and press SPACE to transliterate.
Press CTRL+G to switch between English and the Hindi language.
 
 

सब्स्क्रिप्शन

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश