हिंदी भाषा के लिये मेरा प्रेम सब हिंदी प्रेमी जानते हैं। - महात्मा गांधी।
प्रो. जगदम्बा प्रसाद दीक्षित नहीं रहे (विविध)  Click to print this content  
Author:भारत-दर्शन संकलन

22, मई, 2014: मात्र एक उपन्यास से हिंदी साहित्यकार के रूप में प्रतिष्ठित हुए प्रो. जगदम्बा प्रसाद दीक्षित नहीं रहे। जर्मनी के शहर बर्लिन में उनका देहांत हो गया।

श्री दीक्षित का जन्म 1935 में बालाघा‌ट (म. प्र) में हुआ था। स्व. दीक्षित मुंबई के सैंट जेवियर्स कॉलेज में हिंदी के प्रोफ़ेसर रहे हैं।

मुरदा-घर, कटा हुआ आसमान व इतिवृत्त उपन्यासों के अतिरिक्त एक कहानी-संग्रह, 'शुरुआत और अन्य कहानियाँ' आपकी मुख्य कृतियां थी।

मुरदा-घर में सामाजिक विसंगतियों और विषमताओं का यथार्थपूर्ण चित्रणकिया गया था। इसमें वर्तमान राज्य-तन्त्र के आमानवीय रूप को भी उकेरा गया।

 

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