वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं। - मैथिलीशरण गुप्त।

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कहावत | लघु-कथा (कथा-कहानी) 
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Author:रोहित कुमार 'हैप्पी'

- कैंची मत बजाओ।

- क्यों?

- कहते हैं लड़ाई हो जाती है।

- पर...

- कहा न मत बजाओ।

- यहाँ और है ही कौन? लड़ाई किससे होगी?

  तड़ाक....त...ड़ा...क....

- जवाबतलबी करते हो!

#

-रोहित कुमार 'हैप्पी'

 

 

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