जब हम अपना जीवन, जननी हिंदी, मातृभाषा हिंदी के लिये समर्पण कर दे तब हम किसी के प्रेमी कहे जा सकते हैं। - सेठ गोविंददास।

Find Us On:

English Hindi
Loading
हिंदी प्रेमी रोनाल्ड स्टुअर्ट मेक्ग्रेगॉर नहीं रहे (विविध) 
Click to print this content  
Author:भारत-दर्शन समाचार

अगस्त, 2013: रोनाल्ड स्टुअर्ट मेक्ग्रेगॉर जिन्हें अधिकतर आर एस मेक्ग्रेगॉर के नाम से जाना जाता है, का 19 अगस्त को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। आप एक सच्चे हिंदी प्रेमी थे। मेक्ग्रेगॉर ने पश्चिमी को हिंदी से परिचित करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

न्यूजीलैंड में जन्मे व स्कॉटिश माता-पिता की सन्तान प्रो. मेक्ग्रेगॉर को बचपन में फ़िजी से प्रकाशित हिन्दी के एक व्याकरण की पुस्तक किसी ने दी थी, जिसके फलस्वरूप उनका हिंदी की ओर रूझान हो गया। सर्वप्रथम 1959-60 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हिन्दी की पढ़ाई करने वे भारत आए थे।

मेक्ग्रेगॉर ने 1959-60 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हिंदी की शिक्षा ली।

1964 से लेकर 1997 तक वे कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में हिंदी का अध्यापन करते रहे। वे एक उच्च स्तरीय भाषा विज्ञानी, व्याकरण के विद्वान, अनुवादक और हिंदी साहित्य के इतिहासकार थे।

1972 में हिंदी व्याकरण पर 'एन आउटलाइन ऑफ हिंदी ग्रामर' नाम की महत्वपूर्ण पुस्तक लिखी। मेक्ग्रेगॉर का 'हिंदी-अंग्रेजी शब्दकोश' काफी प्रसिद्ध रहा है। हिंदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित व स्थापित करने में आपकी महती भूमिका रही है।

 

Previous Page  |  Index Page  |   Next Page

Comment using facebook

 
 
Post Comment
 
Name:
Email:
Content:
Type a word in English and press SPACE to transliterate.
Press CTRL+G to switch between English and the Hindi language.
 
 

सब्स्क्रिप्शन

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश