साहित्य का स्रोत जनता का जीवन है। - गणेशशंकर विद्यार्थी।

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होली | बाल कविता (बाल-साहित्य ) 
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Author:गुलशन मदान

रंगों का त्योहार है होली
खुशियों की बौछार है होली

लाल गुलाबी पीले देखो
रंग सभी रंगीले देखों

पिचकारी भर-भर ले आते
इक दूजे पर सभी चलाते

होली पर अब ऐसा हाल
हर चेहरे पर आज गुलाल

आओ यारो इसी बहाने
दुश्मन को भी चलो मनाने

-गुलशन मदान

 

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