कविता मानवता की उच्चतम अनुभूति की अभिव्यक्ति है। - हजारी प्रसाद द्विवेदी।

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घमंड कब तक  (कथा-कहानी) 
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Author:अयोध्याप्रसाद गोयलीय

"नानी, यह ऊँट इतना उछल-कूद क्यों रहा है?"

"इसे अपनी ऊँचाई पर घमंड हो गया है बेटे!"

"यह घमंड कब दूर होगा, नानी?"

"जब यह किसी पहाड़ के नीचे-से निकलेगा, इसका घमंड पानी-पानी हो जाएगा।"

- अयोध्याप्रसाद गोयलीय
[ साभार - कुछ मोती कुछ सीप ]

 

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