मैं महाराष्ट्री हूँ, परंतु हिंदी के विषय में मुझे उतना ही अभिमान है जितना किसी हिंदी भाषी को हो सकता है। - माधवराव सप्रे।
 
शाहरुख खान को ला ट्रोब यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट  (विविध)     
Author:रोहित कुमार 'हैप्पी'

09 अगस्त  2019 (ऑस्ट्रेलिया ):मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) की 'ला ट्रोब यूनिवर्सिटी' (La Trobe University) ने उन्हें मानवता के लिए किए गए प्रयासों के लिए  डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया है। शाहरुख को यह सम्मान हजारों प्रशंसकों की उपस्थिति में दिया गया।

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान भारत में ही नहीं बल्कि विश्व भर में प्रसिद्ध हैं। देश-विदेश की कई संस्थाओं द्वारा उन्हें न केवल अभिनय बल्कि उनके मानवीय कार्यों के लिए भी सम्मानित किया जा चुका है।

शाहरुख इस बार 10वें मेलबर्न इंडियन फिल्म फेस्टिवल (Indian Film Festival Of Melbourne) में मुख्य अतिथि के तौर पर सम्मिलित हुए हैं।  

सम्मान पाने पर शाहरुख ने कहा, "ला ट्रोब जैसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से यह सम्मान मिलने के बाद मैं खुद को काफी गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। इस यूनिवर्सिटी का भारतीय संस्कृति के साथ लंबा संबंध है और यह महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के लिए आवाज उठा चुकी है।"

'ला ट्रोब' ऑस्ट्रेलिया की पहली यूनिवर्सिटी है जिसने शाहरुख खान को इस मानद डॉक्टरेट की उपाधि 'डॉक्टर ऑव लेटर्स' से सम्मानित किया है। फिल्म फेस्टिवल में शाहरुख को 'एक्सिलेंस इन सिनेमा' अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया। अवॉर्ड लेते समय शाहरुख ने 'अपना टाइम आएगा' पर बच्चों के साथ डांस भी किया।

शाहरुख ने अपनी फिल्मों के बारे में भी चर्चा की, साथ ही वहां उपस्थित अपने प्रशंसकों के लिए 'छैंया छैंया' गाने पर ठुमके लगाकर नृत्य किया। 

शाहरुख को इससे पहले भी चार बार डॉक्टरेट की उपाधि दी जा चुकी है।

- सबसे पहले उन्हें 2009 में ब्रिटिश यूनिवर्सिटी ऑव बेडफोर्डशायर ने सम्मानित किया था।

- इसके बाद उन्हें 2015 में एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी की तरफ से ऑनरेरी डॉक्टरेट की उपाधि दी गई।

- तीसरी बार उन्हें 2016 में हैदराबाद की मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के जरिए डॉक्टरेट की मानद उपाधि दी गई।

- वहीं चौथी बार उन्हें अप्रैल 2019 में लंदन विश्वविद्यालय से 'डॉक्टरेट' से सम्मानित किया गया था।

प्रस्तुति: रोहित कुमार 'हैप्पी'

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