समस्त भारतीय भाषाओं के लिए यदि कोई एक लिपि आवश्यक हो तो वह देवनागरी ही हो सकती है। - (जस्टिस) कृष्णस्वामी अय्यर

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संस्मरण

संस्मरण - Reminiscence

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29 दिसंबर की वह रात | संस्मरण - राजेश्वरी त्यागी

29 दिसंबर की रात। लगभग साढ़े ग्यारह बजे हम भोपाल आकाशवाणी के केंद्र निदेशक श्री शुंगलू के यहाँ से खाना खाकर लौट रहे थे।