हिंदी चिरकाल से ऐसी भाषा रही है जिसने मात्र विदेशी होने के कारण किसी शब्द का बहिष्कार नहीं किया। - राजेंद्रप्रसाद।

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हिंदी भजन

हिंदी भजन-Hindi Bhajan

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दुनिया मतलब की - द्यानतराय

दुनिया मतलब की गरजी, अब मोहे जान पडी ।।टेक।।
हरे वृक्ष पै पछी बैठा, रटता नाम हरी।
प्रात भये पछी उड चाले, जग की रीति खरी ।।१।।

 
अजब हैरान हूँ भगवन् - अज्ञात

अजब हैरान हूँ भगवन्, तुम्हें क्योकर रिझाऊं मैं।
कोई वस्तू नहीं ऐसी, जिसे सेवा में लाऊं मैं॥