किसी साहित्य की नकल पर कोई साहित्य तैयार नहीं होता। - सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'।

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लघु-कथाएं

लघु-कथा, 'गागर में सागर' भर देने वाली विधा है। लघुकथा एक साथ लघु भी है, और कथा भी। यह न लघुता को छोड़ सकती है, न कथा को ही।

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मैं हिंदोस्तान हूँ | लघु-कथा - रोहित कुमार 'हैप्पी'

मैंने बड़ी हैरत से उसे देखा। उसका सारा बदन लहूलुहान था व बदन से मा‍नों आग की लपटें निकल रही थीं। मैंने उत्सुकतावश पूछा, "तुम्हें क्या हुआ है?"
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स्वतंत्रता-दिवस | लघु-कथा - रोहित कुमार 'हैप्पी'

महानगर का एक उच्च-मध्यम वर्गीय परिवार।
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