समस्त भारतीय भाषाओं के लिए यदि कोई एक लिपि आवश्यक हो तो वह देवनागरी ही हो सकती है। - (जस्टिस) कृष्णस्वामी अय्यर

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क्षणिकाएं

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डॉ रामनिवास मानव की क्षणिकाएँ  - डा रामनिवास मानव | Dr Ramniwas Manav

सीमा पार से निरन्तर
घुसपैठ जारी है।
'वसुधैव कुटुम्बकम'
नीति यही तो हमारी है।

 

 

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