साहित्य की उन्नति के लिए सभाओं और पुस्तकालयों की अत्यंत आवश्यकता है। - महामहो. पं. सकलनारायण शर्मा।

Find Us On:

English Hindi

इतिहास के पन्नों से

ऐतिहासिक तथ्यों, घटनाओं और साक्ष्यों पर आधारित आलेख, निबंध, काव्य व ऐतिहासिक कथा-कहानियों का संकलन।

Article Under This Catagory

बापू का अंतिम दिन - प्यारे लाल - भारत-दर्शन संकलन | Collections

29 जनवरी को सारे दिन गाधीजी को इतना ज्यादा काम रहा कि दिन के आखिर में उन्हे खूब थकान मालूम होने लगी । काग्रेस-विधान के मसविदे की तरफ इशारा करते हुए, जिसे तैयार करने की जिम्मेदारी उन्होने ली थी, उन्होने आभा से कहा, "मेरा सिर घूम रहा है। फिर भी मुझे इसे पूरा करना ही होगा। मुझे डर है कि रात को देर तक जागना होगा।"

 

 

सब्स्क्रिप्शन

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश