हिंदी भारतीय संस्कृति की आत्मा है। - कमलापति त्रिपाठी।

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हिंदी भजन

हिंदी भजन-Hindi Bhajan

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चलो मन गंगा-जमना-तीर - मीराबाई | Meerabai

गंगा-जमना निरमळ पाणी सीतल होत सरीर ।
बंसी बजावत गावत कान्हो संग लियाँ बळ बीर ।।

 
दुनिया मतलब की गरजी  - द्यानत

दुनिया मतलब की गरजी, अब मोहे जान पडी ।।टेक।।
हरे वृक्ष पै पछी बैठा, रटता नाम हरी।
प्रात भये पछी उड चाले, जग की रीति खरी ।।१।।

 

 

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