साहित्य की उन्नति के लिए सभाओं और पुस्तकालयों की अत्यंत आवश्यकता है। - महामहो. पं. सकलनारायण शर्मा।

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क्षणिकाएं

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डॉ रामनिवास मानव की क्षणिकाएँ  - डा रामनिवास मानव | Dr Ramniwas Manav

सीमा पार से निरन्तर
घुसपैठ जारी है।
'वसुधैव कुटुम्बकम'
नीति यही तो हमारी है।

 

 

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