भारतेंदु और द्विवेदी ने हिंदी की जड़ पाताल तक पहुँचा दी है; उसे उखाड़ने का जो दुस्साहस करेगा वह निश्चय ही भूकंपध्वस्त होगा।' - शिवपूजन सहाय।

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मेजबान (कथा-कहानी)    Print  
Author:खलील जिब्रान
 

'कभी हमारे घर को भी पवित्र करो' करूणा से भीगे स्वर में भेड़िये ने भोली-भाली भेड़ से कहा

'मैं जरूर आती बशर्ते तुम्हारे घर का मतलब तुम्हारा पेट न होता' भेड़ ने नम्रतापूर्वक जवाब दिया

- खलील जिब्रान

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