जो साहित्य केवल स्वप्नलोक की ओर ले जाये, वास्तविक जीवन को उपकृत करने में असमर्थ हो, वह नितांत महत्वहीन है। - (डॉ.) काशीप्रसाद जायसवाल।

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उदयभानु हंस की ग़ज़लें (काव्य)    Print  
Author:उदयभानु हंस | Uday Bhanu Hans
 

उदयभानु हंस का ग़ज़ल संकलन

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