क्या संसार में कहीं का भी आप एक दृष्टांत उद्धृत कर सकते हैं जहाँ बालकों की शिक्षा विदेशी भाषाओं द्वारा होती हो। - डॉ. श्यामसुंदर दास।
वन्देमातरम्  (काव्य)    Print  
Author:भारत-दर्शन संकलन | Collections
 

'वन्‍देमातरम्' बंकिम चन्‍द्र चटर्जी द्वारा संस्‍कृत में रचा गया; यह स्‍वतंत्रता की लड़ाई में भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत था। इसका स्‍थान हमारे राष्ट्र गान, 'जन गण मन...' के बराबर है। इसे पहली बार 1896 में भारतीय राष्‍ट्रीय काँग्रेस के सत्र में गाया गया था।

'वंदे मातरम्' से लोग इतने प्रेरित हुए कि अनेक कवियों व गीतकारों ने इसके अनेक संस्करण रच डाले।

यहाँ राष्ट्रीय भावों व देश प्रेम से ओत-प्रोत वन्देमातरम् के विभिन्न संस्करण भारत-दर्शन में संगृहित किये गये हैं।

 

Back
More To Read Under This

 

वन्देमातरम् | राष्ट्रीय गीत
प्राण वन्देमातरम्
छीन सकती है नहीं सरकार वन्देमातरम्
शब्द वन्देमातरम्
मन्त्र वन्देमातरम्
 
 
Post Comment
 
  Captcha
 

सब्स्क्रिप्शन

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें