समाज और राष्ट्र की भावनाओं को परिमार्जित करने वाला साहित्य ही सच्चा साहित्य है। - जनार्दनप्रसाद झा 'द्विज'।

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महावीर प्रसाद द्विवेदी की कविताएं (काव्य)    Print  
Author:महावीर प्रसाद द्विवेदी | Mahavir Prasad Dwivedi
 

महावीर प्रसाद द्विवेदी की कविताएं

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