मैं महाराष्ट्री हूँ, परंतु हिंदी के विषय में मुझे उतना ही अभिमान है जितना किसी हिंदी भाषी को हो सकता है। - माधवराव सप्रे।
ओमप्रकाश बाल्मीकि की कविताएं (काव्य)    Print  
Author:ओमप्रकाश वाल्मीकि | Om Prakash Valmiki
 

ओमप्रकाश वाल्मीकि उन शीर्ष साहित्यकारों में से एक हैं जिन्होंने अपने सृजन से साहित्य में सम्मान व स्थान पाया है। आप बहुमुखी प्रतिभा के धनी है। आपने कविता, कहानी, आ्त्मकथा व आलोचनात्मक लेखन भी किया है।

अपनी आत्मकथा "जूठन" से विशेष ख्याति पाई है। जूठन में आपने अपने और अपने समाज की पीड़ा का मार्मिक वर्णन किया है।

'जूठन' का अनेक भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। जूठन के अलावा उनकी प्रसिद्ध पुस्तकों में "सदियों का संताप", "बस! बहुत हो चुका" ( कविता संग्रह) तथा "सलाम" ( कहानी संग्रह ) दलित साहित्य का सौन्दर्य शास्त्र (आलोचना) इत्यादि है।

17 नवंबर 2013 को देहरादून में आपका निधन हो गया।

यहाँ वाल्मीकिजी की कुछ कविताएं संकलित की गई हैं।

 

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