वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं। - मैथिलीशरण गुप्त।

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भवानी प्रसाद मिश्र की कविताएं  (काव्य)    Print  
Author:भवानी प्रसाद मिश्र | Bhawani Prasad Mishra
 

यहाँ भवानी प्रसाद मिश्र के समृद्ध कृतित्व में से कुछ ऐसी कविताएं चयनित की गई हैं जो समकालीन समाज ओर विचारधारा का समग्र चित्र प्रस्तुत करने में सक्षम होंगी।

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