अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

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मुक्तिबोध की हस्तलिपि में कविता (काव्य)    Print  
Author:गजानन माधव मुक्तिबोध | Gajanan Madhav Muktibodh
 

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