यह कैसे संभव हो सकता है कि अंग्रेजी भाषा समस्त भारत की मातृभाषा के समान हो जाये? - चंद्रशेखर मिश्र।

Find Us On:

English Hindi
Loading
खोजिए (काव्य)    Print  
Author:रोहित कुमार 'हैप्पी' | न्यूज़ीलैंड
 

भीड़ है
शब्द हैं,
नगाड़े हैं।
लेकिन, गुम है--
इंसान, ओज और ताल।

खोजिए, मिल जाएं शायद--
भीड़ में इंसान
शब्दों में ओज
और
नगाड़ों में ताल। 

-रोहित कुमार 'हैप्पी'

 

 

Back

Comment using facebook

 
 
Post Comment
 
Name:
Email:
Content:
Type a word in English and press SPACE to transliterate.
Press CTRL+G to switch between English and the Hindi language.
  Captcha