शिक्षा के प्रसार के लिए नागरी लिपि का सर्वत्र प्रचार आवश्यक है। - शिवप्रसाद सितारेहिंद।

Find Us On:

English Hindi
Loading
पहाड़े (काव्य)    Print  
Author:रोहित कुमार 'हैप्पी'
 

आपके और मेरे
पहाड़े भिन्न हैं।
आपके लिए--
दो दूनी
चार।

मेरे लिए--
दो दूनी
का मतलब
केवल प्यार।

- रोहित कुमार 'हैप्पी'
   ई-मेल: editor@bharatdarshan.co.nz

 

Back

Comment using facebook

 
 
Post Comment
 
Name:
Email:
Content:
Type a word in English and press SPACE to transliterate.
Press CTRL+G to switch between English and the Hindi language.
  Captcha
 

 

सब्स्क्रिप्शन

Captcha Code

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश